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à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ (Allergies)
à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ के पà¥à¤°à¤•ारà¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ के लकà¥à¤·à¤£à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ के कारणà¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ की रोकथामà¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ का निदानà¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ का इलाजà¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ की जटिलताà¤à¤‚
à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ à¤à¤• पà¥à¤°à¤•ार का हाइपरसेंसिटिविटी डिसऑरà¥à¤¡à¤° है, जिसमें हमारी पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ शरीर के संपरà¥à¤• में आने वाले हानिरहित पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ के हानिकारक समà¤à¤¨à¥‡ लग जाती है और उनके विरà¥à¤¦à¥à¤§ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ देने लगती है। किसी पदारà¥à¤¥ के विरà¥à¤¦à¥à¤§ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ दी जाने वाली इस पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¤¿à¤• रिà¤à¤•à¥à¤¶à¤¨ कहा जाता है और जिन पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ के कारण शरीर ने यह पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ दी है उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¤¨ कहा जाता है। à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ किसी à¤à¥€ पदारà¥à¤¥ से हो सकती है जिसमें अंडे, गेहूं, मूंगफली, दूध, दवाà¤à¤‚, धूल के कण, अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• ठंड, बारिश की बूंदें और यहां तक की किटाणॠआदि। à¤à¥‹à¤œà¤¨ के कारण à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ आमतौर पर उसमें मौजूद किसी à¤à¤• ततà¥à¤µ से होती है और इसमें अधिकतर मामलों में पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ के कारण ही à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ होती है। à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¤¨ के संपरà¥à¤• में आने के बाद शरीर में à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ के लकà¥à¤·à¤£ विकसित होने लगते हैं जैसे तà¥à¤µà¤šà¤¾ पर चकतà¥à¤¤à¥‡ होना, हीवà¥à¤¸, खà¥à¤œà¤²à¥€ और छींक आना आदि। à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ असà¥à¤¥à¤®à¤¾ जैसे रोगों का कारण बनने में महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ à¤à¥‚मिका निà¤à¤¾ सकती है। à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ कई अलग-अलग पà¥à¤°à¤•ार की होती है और इसलिठउसका निदान करने के लिठà¤à¥€ टेसà¥à¤Ÿ अलग-अलग पà¥à¤°à¤•ार के होते हैं। à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ का इलाज à¤à¥€ उसके पà¥à¤°à¤•ार के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° अलग-अलग हो सकता है। खाने-पीने की चीजों से होने वाली à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ का इलाज करने के लिठविशेष दवाà¤à¤‚ लेने के साथ-साथ मरीज के आहार में à¤à¥€ कà¥à¤› बदलाव किठजा सकते हैं। हालांकि, कà¥à¤› पà¥à¤°à¤•ार की दवाà¤à¤‚ हैं, जो कई बार अधिक à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ होने का कारण बन सकती हैं और कई बार सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ गंà¤à¥€à¤° हो जाती है और इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ करने के लिठà¤à¤ªà¤¿à¤¨à¥‡à¤«à¥à¤°à¥€à¤¨ (à¤à¤¡à¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¾à¤²à¤¾à¤ˆà¤¨) के इंजेकà¥à¤¶à¤¨ का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² किया जाता है। à¤à¤ªà¤¿à¤¨à¥‡à¤«à¥à¤°à¥€à¤¨ इंजेकà¥à¤¶à¤¨ की मदद से à¤à¤¨à¤¾à¤«à¤¿à¤²à¥‡à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤• शॉक जैसी सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ को à¤à¥€ नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ किया जा सकता है, जो à¤à¤• इमरजेंसी à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¤¿à¤• रिà¤à¤•à¥à¤¶à¤¨ है।
à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ के पà¥à¤°à¤•ार
कोई à¤à¥€ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ à¤à¤• या à¤à¤• से अधिक चीजों से à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¤¿à¤• हो सकता है। à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ पैदा करने वाले पà¥à¤°à¤•ारों के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ के पà¥à¤°à¤•ार à¤à¥€ अलग-अळग हो सकते हैं, जिनमें सबसे आम पà¥à¤°à¤•ारों में निमà¥à¤¨ हैं -
फूड à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ - जब आपके दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ खाठगठà¤à¥‹à¤œà¤¨ में मौजूद पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ से आपकी पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ देने लगती है, जो à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ के लकà¥à¤·à¤£ पैदा होने लगती हैं। à¤à¤¾à¤°à¤¤ में फूड à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ के 90 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ मामलों में सूखे मेवे, अंडे, गेहूं और दूध के कारण à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ होती है।
डसà¥à¤Ÿ à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ - जब धूल में मौजूद सूकà¥à¤·à¥à¤® कण आपकी नाक में चले जाते हैं, तो à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ के नाक के मारà¥à¤— रà¥à¤•ने लगते हैं। इससे नाक रà¥à¤•ना, छींक आना, खांसी और गले में खà¥à¤œà¤²à¥€ व जलन होना आदि समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ होने लगती है।
वेदर à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ - अधिकतर लोगों को बदलते मौसम के कारण सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ होने लगती हैं जो मौसमी à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ के लकà¥à¤·à¤£ होते हैं।
पेट à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ - पालतू जानवरों की तà¥à¤µà¤šà¤¾ की पपड़ी, रूसी और उनकी लार से à¤à¥€ कà¥à¤› लोगों को à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ हो जाती है। कà¥à¤¤à¥à¤¤à¥‡ व बिलà¥à¤²à¥€ आदि के शरीर के बालों में धूल व पराग के कण अटक जाते हैं, जिस कारण से à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ के लकà¥à¤·à¤£ और अधिक गंà¤à¥€à¤° हो सकते हैं।
मेडिसिन à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ - किसी दवा या उसके कारण शरीर में बने केमिकल से à¤à¥€ कà¥à¤› लोगों को à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ हो सकती है। दवाओं से होने वाली à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ कई बार अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• गंà¤à¥€à¤° व जानलेवा हो सकती है।
कॉसà¥à¤®à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤• à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ - तà¥à¤µà¤šà¤¾ आदि पर इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² किठजाने वाले कॉसà¥à¤®à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤• पà¥à¤°à¥‹à¤¡à¤•à¥à¤Ÿà¥à¤¸ में मौजूद रसायनों के कारण à¤à¥€ आपको à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ हो सकती है। इन à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¤¿à¤• पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ के कारण तà¥à¤µà¤šà¤¾ में सूजन व लालिमा हो सकती है।
à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ के लकà¥à¤·à¤£
किसी वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ के कारण होने वाले लकà¥à¤·à¤£ अलग-अलग हो सकते हैं, जो निरà¥à¤à¤° करते हैं कि उसे किस à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¤¨ से रिà¤à¤•à¥à¤¶à¤¨ हà¥à¤† है। à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ से आमतौर पर देखे जाने वाले लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ में निमà¥à¤¨ शामिल हैं -
à¤à¥‹à¤œà¤¨ से होने वाली à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ में मà¥à¤‚ह में सूजन, अपच, उलà¥à¤Ÿà¥€ आना, मतली, पेट में à¤à¤‚ठन, पेट फूलना और दसà¥à¤¤ लगना आदि लकà¥à¤·à¤£ होने लगते हैं। वहीं कà¥à¤› फूड à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¤¨ नाक बहना, आवाज बैठना, छींक आना और खांसी जैसे लकà¥à¤·à¤£ à¤à¥€ पैदा कर सकते हैं।
दवाओं से होने वाली à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ से तà¥à¤µà¤šà¤¾ में खà¥à¤œà¤²à¥€, लालिमा, सूजन, गला बैठना और तà¥à¤µà¤šà¤¾ पर चकतà¥à¤¤à¥‡ होना आदि लकà¥à¤·à¤£ विकसित हो जाते हैं।
धूल, मौसमी और जानवरों से होने वाली à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ से नाक बहना, बंद नाक, छींक आना, आंखों में सूजन, आंखों से पानी आना, गले में खराश, जलन या खà¥à¤œà¤²à¥€ होना आदि लकà¥à¤·à¤£ होने लगते हैं।
कॉसà¥à¤®à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤• à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ से तà¥à¤µà¤šà¤¾ में लालिमा, सूजन, खà¥à¤œà¤²à¥€ और पपड़ी आना आदि लकà¥à¤·à¤£ हो सकते हैं। कॉसà¥à¤®à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤• à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ में सà¥à¤•िन रैश à¤à¥€ हो सकते हैं।
अगर किसी कारण से à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ रिà¤à¤•à¥à¤¶à¤¨ गंà¤à¥€à¤° हो गया है और à¤à¤¸à¥‡ में निमà¥à¤¨ में से कोई à¤à¥€ लकà¥à¤·à¤£ महसूस हो रहा है, तो बिना देरी किठडॉकà¥à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• करना चाहिठ-
सांस लेने में दिकà¥à¤•त होना या गंà¤à¥€à¤° रूप से सांस फूलना
सीने में जकड़न या दरà¥à¤¦ महसूस होना
तà¥à¤µà¤šà¤¾ की मोटाई और सूजन लगातार बढ़ना
तà¥à¤µà¤šà¤¾ में आई सूजन में खà¥à¤œà¤²à¥€ होना और पितà¥à¤¤ उबरना
à¤à¤¨à¤¾à¤«à¤¿à¤²à¥‡à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤• शॉक लगना (à¤à¤• जानलेवा à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¤¿à¤• रिà¤à¤•à¥à¤¶à¤¨)
à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ के कारण
शरीर में à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¤¿à¤• रिà¤à¤•à¥à¤¶à¤¨ की समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ आमतौर पर जेनेटिक बीमारियों से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ होती हैं। जब शरीर किसी सामानà¥à¤¯ और हानिरहित पदारà¥à¤¥ को हानिकारक बाहरी कण या रोगाणॠसमठलेता है, तो इसके विरà¥à¤¦à¥à¤§ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ देने लगता है। à¤à¤¸à¥‡ में शरीर à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¤¨ के विरà¥à¤¦à¥à¤§ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के रूप में आईजीई à¤à¤‚टीबॉडी (IgE Antibodies) नामक खास पà¥à¤°à¤•ार के à¤à¤‚टीबॉडीज को जारी कर देता है। ये à¤à¤‚टीबॉडी शरीर के कई अलग-अलग हिसà¥à¤¸à¥‹à¤‚ में मौजूद कोशिकाओं से जाकर जà¥à¤¡à¤¼ जाते हैं। à¤à¤¸à¥‡ में जब à¤à¥€ शरीर दोबारा à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¤¨ के संपरà¥à¤• में आता है, तो ये कोशिकाà¤à¤‚ हिसà¥à¤Ÿà¤¾à¤®à¤¿à¤¨ नामक रसायन को छोड़ती है और यह केमिकल शरीर में à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ के लकà¥à¤·à¤£ पैदा करता है।
à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ के जोखिम कारक
à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ à¤à¤• अनà¥à¤µà¤¾à¤‚शिक रोग है, इसलिठपरिवार में à¤à¤• वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को यह रोग होने पर अनà¥à¤¯ लोगों को à¤à¥€ यह समसà¥à¤¯à¤¾ होने का खतरा बढ़ सकता है। इसके अलावा कà¥à¤› वातावरणीय कारक जैसे वायॠपà¥à¤°à¤¦à¥‚षण व सिगरेट पीना आदि à¤à¥€ à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ होने के खतरे को बढ़ा सकती है। हालांकि, कà¥à¤› लोग जिनका शरीर सेंसिटिव है, उनमें निमà¥à¤¨ कारकों से à¤à¥€ à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ होने का खतरा बढ़ जाता है -
परफà¥à¤¯à¥‚म
तनाव
सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤•
हारà¥à¤®à¥‹à¤¨
à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ की रोकथाम
à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ पैदा करने वाले पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ (à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¤¨) के संपरà¥à¤• में आने से जितना हो सके बचना ही à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ की रोकथाम करने का सबसे अचà¥à¤›à¤¾ तरीका है। à¤à¤¸à¤¾ करने के लिठनिमà¥à¤¨ टिपà¥à¤¸ को फॉलो किया जा सकता है -
अगर आपको फूड à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ है, तो बाहर की कोई à¤à¥€ चीज खाने से पहले यह सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ कर लें कि उसमें कोई à¤à¤¸à¥€ सामगà¥à¤°à¥€ तो नहीं डाली गई है, जिससे आपको à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ है।
यदि आपको मकà¥à¤–ियों के डंक से à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ है, तो जितना हो सके परफà¥à¤¯à¥‚म व चमकदार कपड़े न पहने। बागवानी व घास की कटाई आदि करते समय à¤à¥€ धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें।
यदि आपको पराग (पोलन) से à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ है, तो पोलन सीजन के दौरान जितना हो सके घर के अंदर ही रहें और खिड़कियां व दरवाजे बंद रखें।
अगर आपको पहले कà¤à¥€ à¤à¤¨à¤¾à¤«à¤¿à¤²à¥‡à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤• अटैक आ चà¥à¤•ा है, तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° से सलाह लेकर हर समय अपने साथ à¤à¤ªà¤¿à¤¨à¥‡à¤«à¥à¤°à¥€à¤¨ इंजेकà¥à¤Ÿà¤° रखें और लकà¥à¤·à¤£ महसूस होते ही उसका इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करें।
à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ का निदान
आपको à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¤¿à¤• रिà¤à¤•à¥à¤¶à¤¨ हà¥à¤† है या नहीं यह पता लगाने के लिठडॉकà¥à¤Ÿà¤° सीबीसी (CBC) जैसे साधारण टेसà¥à¤Ÿ करते हैं। दिशा पैथोलॉजी लैबà¥à¤¸, मà¥à¤‚बई में चीफ पैथोलॉजिसà¥à¤Ÿ और डायरेकà¥à¤Ÿà¤° डॉकà¥à¤Ÿà¤° आà¤à¤¾ शà¥à¤°à¥‰à¤« के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° यदि टेसà¥à¤Ÿ के रिजलà¥à¤Ÿ में इयोसिनोफिल लेवल और आईजीई लेवल बढ़ा हà¥à¤† दिखाई देता है, तो आप à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ से गà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ हो सकते हैं। à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ का कारण बनने वाले à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¤¨ का पता लगाने केलिठडॉकà¥à¤Ÿà¤° आपके निमà¥à¤¨ टेसà¥à¤Ÿ कराने की सलाह दे सकते हैं -
सà¥à¤•à¥à¤°à¥ˆà¤š सà¥à¤•िन टेसà¥à¤Ÿ - इस टेसà¥à¤Ÿ के दौरान सà¥à¤•िन पर संदिगà¥à¤§ à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¤¨ की à¤à¤• छोटी बूंद सà¥à¤•िन पर डाली जाती है। सà¥à¤ˆ की मदद से सà¥à¤•िन में छोटा सा छिदà¥à¤° बना दिया जाता है या थोड़ा सा खà¥à¤°à¤š दिया जाता है। इसके बाद तà¥à¤µà¤šà¤¾ पर होने वाले बदलावों की जांच की जाती है।
इमà¥à¤¯à¥‚नोà¤à¤¸à¥à¤¸à¥‡ - à¤à¤•à¥à¤¸à¤Ÿà¥‡à¤‚सिव à¤à¤•à¥à¤œà¤¿à¤®à¤¾ जैसी कà¥à¤› निशà¥à¤šà¤¿à¤¤ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में सà¥à¤•िन टेसà¥à¤Ÿ नहीं किया जाता है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इससे गंà¤à¥€à¤° समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ पैदा हो सकती हैं। इन मामलों में डॉकà¥à¤Ÿà¤° कà¥à¤› खास पà¥à¤°à¤•ार के बà¥à¤²à¤¡ टेसà¥à¤Ÿ कराने का सà¥à¤à¤¾à¤µ दे सकते हैं जैसे रेडियोà¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥‹à¤¸à¥‹à¤°à¥à¤¬à¥‡à¤‚ट à¤à¤¸à¥à¤¸à¥‡ (RAST) और à¤à¤‚जाइम-लिंकà¥à¤¡ इमà¥à¤¯à¥‚नोसोरà¥à¤¬à¥‡à¤‚ट à¤à¤¸à¥à¤¸à¥‡ (ELISA) आदि।
à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ का इलाज
à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ का कोई सà¥à¤¥à¤¾à¤¯à¥€ इलाज नहीं है, लेकिन उपलबà¥à¤§ उपचार विकलà¥à¤ªà¥‹à¤‚ की मदद से इसके लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ को निंयंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ किया जा सकता है और गंà¤à¥€à¤° होने से रोका जा सकता है। à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ का इलाज करने के लिठदी जाने वाली दवाà¤à¤‚ आमतौर पर à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¤¨ पर निरà¥à¤à¤° करती हैं और साथ ही इलाज à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ के लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ पर à¤à¥€ निरà¥à¤à¤° करता है। à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ के दौरान दी जाने वाली दवाओं में आमतौर पर निमà¥à¤¨ शामिल हैं -
हिसà¥à¤Ÿà¤¾à¤®à¤¾à¤‡à¤¨ को रोकने वाली दवाà¤à¤‚ - इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ à¤à¤‚टीहिसà¥à¤Ÿà¤¾à¤®à¤¾à¤‡à¤¨ कहा जाता है, जो हिसà¥à¤Ÿà¤¾à¤®à¤¾à¤‡à¤¨ नामक केमिकल को बनने से रोक देती हैं, जो à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¤¿à¤• रिà¤à¤•à¥à¤¶à¤¨ के लकà¥à¤·à¤£ पैदा करता है।
बंद नाक व अनà¥à¤¯ लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ के लिठदवाà¤à¤‚ - इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ डिकंजेसà¥à¤Ÿà¥‡à¤¨à¥à¤Ÿ कहा जाता है, जिनकी मदद से बंद नाक, नाक बहना, छींक आना और इससे संबंधित अनà¥à¤¯ लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ को नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ किया जा सकता है।
सूजन व लालिमा को कम करने वाली दवाà¤à¤‚ - à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ के कारण तà¥à¤µà¤šà¤¾ पर होने वाली सूजन व लालिमा को कम करने के लिठकोरà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ोसà¥à¤Ÿà¥‡à¤°à¥‹à¤‡à¤¡ दवाओं का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² किया जाता है।
à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ की जटिलताà¤à¤‚
अधिकतर पà¥à¤°à¤•ार की à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ हानिकारक नहीं होती हैं। लेकिन दवाओं, रसायनों व अनà¥à¤¯ कई पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ से होने वाली à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ अतà¥à¤¯à¤‚त गंà¤à¥€à¤° हो सकती हैं और इनके कारण à¤à¤¨à¤¾à¤«à¤¿à¤²à¥‡à¤•à¥à¤¸à¤¿à¤¸ होने का खतरा à¤à¥€ बढ़ जाता है। à¤à¤¨à¤¾à¤«à¤¿à¤²à¥‡à¤•à¥à¤¸à¤¿à¤¸ के कारण वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ के शà¥à¤µà¤¸à¤¨ मारà¥à¤—, गला, जीठऔर अनà¥à¤¯ आसपास के हिसà¥à¤¸à¥‹à¤‚ में गंà¤à¥€à¤° रूप से सूजन आ जाती है जिसके कारण वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को सांस लेने में दिकà¥à¤•त होने लगती है। कà¥à¤› गंà¤à¥€à¤° मामलों में इस दौरान वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ की मृतà¥à¤¯à¥ à¤à¥€ हो सकती है।
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